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Smartphone पर वायरस का अटैक कहीं चुरा ना ले आपके रातों की नींद, ये टिप्स आएंगे काम

अपने स्मार्टफोन को वायरस अटैक से सुरक्षित रखें: हर स्मार्टफोन में पेमेंट ऐप्स पर बैंक से जुड़ी सारी जानकारी होती है। ऐसे में Google पर एक गलत क्लिक आपके बैंक बैलेंस को रीसेट करने के लिए काफी है। अगर आप स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं तो आपको स्मार्ट यूजर होना चाहिए।

अपने स्मार्टफोन को वायरस के हमलों से बचाएं: वायरस अटैक सिर्फ कोरोनावायरस को ही नहीं समझें स्मार्टफोन और लैपटॉप पर वायरस का अटैक भी आपके पैसे खर्च कर सकता है। आजकल सभी काम स्मार्टफोन से ही हो जाते हैं। हर स्मार्टफोन में पेमेंट ऐप पर बैंक से जुड़ी सारी जानकारी होती है। ऐसे में Google पर एक गलत क्लिक आपके बैंक बैलेंस को रीसेट करने के लिए काफी है। अगर आप स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं तो आपको स्मार्ट यूजर बनना होगा। इस रिपोर्ट में आपको कुछ अच्छे टिप्स बताएंगे, जिनकी मदद से आप अपने स्मार्टफोन को वायरस अटैक से बचा सकते हैं।

एंटीवायरस ऐप कम करेगा वायरस का खतरा
यदि आप दैनिक गतिविधियों में स्मार्टफोन का अधिक उपयोग करते हैं, तो आपके स्मार्टफोन में एक एंटीवायरस ऐप इंस्टॉल होना चाहिए। आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन में एंटीवायरस ऐप्स पहले से इंस्टॉल होते हैं। इसके लिए समय-समय पर स्मार्टफोन की सफाई करना बेहद जरूरी है। आप चाहें तो प्लेस्टोर से अच्छे रिव्यू के आधार पर कोई भी अच्छा एंटीवायरस ऐप इंस्टॉल कर सकते हैं। इससे स्मार्टफोन में वायरस का खतरा कम हो जाता है।

बिना जाने कोई ऐप डाउनलोड न करें
स्मार्टफोन में हम जरूरत के हिसाब से अलग-अलग ऐप इंस्टॉल करते हैं। लेकिन कुछ लोग बिना किसी जानकारी के Play Store से नए ऐप डाउनलोड कर लेते हैं। ऐसा करना आपके स्मार्टफोन को वायरस के खतरे में डालने वाला साबित हो सकता है। इसलिए जरूरत पड़ने पर ही जानकारी के बाद ही ऐप डाउनलोड करें, इसके लिए किसी भी ऐप के डाउनलोड पेज पर मौजूद ऐप और ऐप को मिले लोगों और स्टार्स के रिव्यू भी मदद कर सकते हैं।

गूगल का प्रयोग सावधानी से करें
Google पर विभिन्न प्रकार की वेबसाइटें हैं। कई बार कुछ लोग सोशल मीडिया से सीधे लिंक पर क्लिक करके वेब पेज पर पहुंच जाते हैं। ये वेब पेज पॉपअप स्क्रीन पर प्रदर्शित होते हैं। जहां आप वायरस के नाम पर क्लिक करने के लिए ललचाते हैं। इन पॉप-अप में चेतावनी संदेश भेजे जाते हैं। अपने स्मार्टफोन के मॉडल के बारे में बताकर कहा जाता है कि इसमें एक वायरस है। जैसे ही यूजर स्क्रीन पर अपने स्मार्टफोन का नाम देखता है, उसे यकीन हो जाता है कि स्मार्टफोन में वाकई में वायरस है। इस घोटाले में एक क्लिक भारी हो जाता है। इसलिए हमेशा ऐसी साइट पर जाने से बचें।

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